खिलती कली हो तूम...
खिलती कली हो तूम... कुछभी करके ... तुम्हें अपने दिलमें छिपाना होगा खिलती कली हो तूम , तुम्हें काटोंसें बचाना होगा प्यार की दुश्मन दुनिया होगी तो क्या हुआ ... ? प्यार में हैं हम, तो प्यारका वादा निभाना होगा देखो , अब तो पहलेसेभी बढकर पहरे खडे हैं अब तो और संभलकर तीर-ए-नजर चलाना होगा खूश रहे तूम जीवनभर , हसती खिलती रहे... तुम्हारे चेहरेपर दुनियाभरकी खुशीको लाना होगा #खिलतीकली ... देवीदास हरिश्चंद्र पाटील शनिवार, ०८.१०.२०२२ सुबह ०६.४५